PANI PINE KA SAHI TARIKA क्या है | How To Drink Water properly In Hindi

हेलो दोस्तों! आप सभी को ये तो अच्छी तरह पता ही होगा और बचपन से सुनते ही आ रहे है “जल ही जीवन है” लेकिन PANI PINE KA SAHI TARIKA आपको यह नहीं पता होगा पानी कैसे पीना चाहिए तो आज हम आपको इससे रूबरू करते है pani kaise, kitna or kab pina chahiye

हमारे शरीर का 70 प्रतिशत भाग पानी से बना हुआ है, इस तथ्य से हम समझ सकते हैं कि पानी का हमारे शरीर में क्या महत्व है. इसलिए पानी पीने का ज्ञान हमें होना बहुत जरूरी है, एक स्वस्थ लम्बी ज़िन्दगी के लिए.

PANI PINE KA SAHI TARIKA
PANI PINE KA SAHI TARIKA

पानी कैसे, कितना और कब पीना चाहिए | When, How and How much water should be Drunk in Hindi-

Pani pine ka sahi tarika जानने से पहले थोड़ी बात का लेते है, आप सभी को ये तो पता ही है, जब भी हमे प्यास लगती है तो हमे सबसे पहले पानी की ही याद आती है. तो आज आपको बताते है Pani kaise, kitna aur kab pina chahiye.

  • जितनी पानी की कम मात्रा नुकसानदायक है, उतनी ही पानी की जरूरत से ज्यादा मात्रा भी नुकसानदायक है।

आपको उदहारण दे कर समझाते है:– आप समझें कि हमारे बगीचे में गुलाब का एक पौधा है. हम जानते हैं कि उसे पानी देना बहुत ज़रूरी है. लेकिन अगर हम उसे दिन-रात पानी देते रहेंगे तो क्या होगा? निश्चित तौर पर वह नष्ट हो जाएगा. यही हाल हमारे शरीर का भी होता है.

  • एक साथ या एक ही बार में पूरा पानी न पियें.
  • पानी धीरे-धीरे एवं घूंट-घूंट करके पिएं.
  • पानी को आराम से बैठकर पियें, हड़बड़ाहट में चलते-चलते या खड़े होकर न पियें.
  • जिन लोगों को कफ के कारण रोग हो रहे हों जैसे दमा (अस्थमा), साइनसाइटिस, मोटापा या मधुमेह है तो वह व्यक्ति कम पानी पिए और सुबह उठकर खाली पेट पानी न पियें.
  • पानी शरीर के तापमान के बराबर का हो न ज्यादा ठंडा न ज्यादा गर्म.
  • खाना खाने के तुरंत बाद पानी न पियें कम से कम 30 मिनट बाद पानी पियें। और यदि आपने भारी भोजन किया हो तो 30 मिनट बाद थोड़ा सा ही पानी पियें. हाँ खाना खाने के बीच में थोड़ा सा पानी पीना चाहिए.
  • जिन लोगों को कब्ज की समस्या है या मूत्र से संबंधित कोई रोग जैसे संक्रमण, पथरी, मूत्र में जलन आदि हों तो वह ज्यादा पानी पियें.
  • पानी हमेशा मुँह लगाकर पियें, जिससे कि वह होंठ, जीभ एवं दांतों से होकर गुजरे. इससे उसका तापमान शरीर के अनुकूल हो जाता है, वह फिल्टर भी हो जाता है.
  • अनुसंधान (रिसर्च) से पता चला है कि बोतल या स्ट्रॉ से पानी पीने वालों की त्वचा एवं बाल जल्दी ही बूढ़ों के समान हो जाते हैं, इसलिए हमेशा ग्लास से मुँह लगाकर पानी पियें
  • जिन्हें अजीर्ण या भूख न लगने की समस्या हो तो वे लोग कम पानी पियें.
  • हमारा शरीर एक बार 3 मुंह भरकर पिया गया पानी ही अवशोषित कर पाता है, इसलिए आप एक बार में केवल 3 घूंट पानी ही पियें.
  • पसीने की हालत में या गर्म वातावरण से आने के तुरंत बाद पानी न पियें. क्योंकि इस अवस्था में पानी पीने से कई प्रकार के त्वचा रोग, फेफड़ों के रोग व पेट के रोग होने की संभावना रहती है. इस अवस्था में पानी पीना हृदय के लिए भी नुकसानदायक है.
  • यह सर्वमान्य सत्य है कि अन्य कोई पेय पानी का विकल्प नहीं है. इसलिए जब भी आपको प्यास लगे तो पानी ही पियें, इसका स्थान अन्य पेय जैसे कोल्ड ड्रिंक, लस्सी, जूस आदि को न दें.
  • रात के समय एक गिलास पानी पिएं, सुबह उठकर भी एक गिलास कुनकुना पानी पियें. और यदि रात में नींद खुले तो भी एक गिलास पानी पिएं क्योंकि रात को सोने का कुल समय 8 से 10 घंटे होता है, ऐसे में पानी की कमी न होने पाये, इसलिए रात में पानी पीते रहें.
  • यदि वातावरण गर्म हो या आपने मेहनत का काम किया हो या आपको अधिक पसीना आता हो तो आप अधिक मात्रा में पानी पियें.
  • अपने बच्चों को भी पानी पीने की मात्रा एवं तरीके के बारे में सिखायें. जब वह स्कूल जायें तो उनके साथ एक बड़ी बोतल साफ पानी की अवश्य दें.
  • बीमारी की हालत में, गर्भावस्था में या स्तनपान के समय अधिक मात्रा में पानी पियें.
  • पानी पीने की सही विधि यह है कि प्यास लगने से पहले ही पानी पी लिया जाए, क्योंकि प्यास तब लगती है जब डि-हाइड्रेशन (निर्जलीकरण) शुरू हो चुका होता है.
  • किसी भीड़ वाली जगह पर जाने से पहले पानी पियें यह आपको कई सारे संक्रमणों से बचाएगा.
  • संभोग के बाद कम से कम 30 मिनट तक पानी न पियें:

आपको उदहारण दे कर समझाते है:- आप 6°C के तापमान वाले दिन गर्म पानी के नल के नीचे बैठकर नहा रहे हैं, अब आप साबुन लगाने के लिए नल बंद करते हैं। फिर साबुन लगाकर त्रुटिवश ठण्डे पानी का नल खोल लेते हैं। अब जैसा आप इस स्थिति में झटका महसूस करते हैं, ठीक ऐसा ही या उससे भी अधिक झटका हमारे अंदरूनी अंगों को लगता है, जब हम संभोग के तरंत पश्चात ठण्डा पानी पी लेते हैं. यह झटका हमारे कई अंगों को क्षति पहुँचाता है.

पानी कब नहीं पीना चाहिए | When We Should not Drink Water in Hindi

Pani kab nhi pina chahiye आपके लिए जानना बेहद ज़रूरी है. गलत समय, गलत तरीके और गलत मात्रा में पानी पीने से पेट में दर्द हो सकता है, पाचन में दिक्कत हो सकती है, डायबीटीज, ब्लड प्रेशर, सिरदर्द, भारीपन, किडनी प्रॉब्लम और सुस्ती जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.

हर किसी के शरीर के हिसाब से पानी की जरूरत सबकी अलग-अलग हो सकती है लेकिन pani pine ka sahi tarika आपको ऊपर बता ही दिया है ताकि आप बीमार न पड़ें. अब आपके मन में यह सवाल भी आ रहा होगा के hum pani kyu pite hain तो उसका जवाब आपको पानी पीने के 16 फायदों को जानने के बाद अच्छी तरह पता और समझ आ जाएगा.

पानी पिने के 16 फायदे | 16 Benefits Of Drinking Water In Hindi

आपने अभी जाना पानी कैसे, कितना और कब पीना चाहिए. अब आपको pani pine ke fayde भी जान लेना चाहिए. आपको ठीक से काम करने के लिए, हमारे शरीर की सभी कोशिकाओं और अंगों को पानी की आवश्यकता होती है।

निम्नलिखित कुछ कारणों से हमारे शरीर को पानी की आवश्यकता होती है:

  1. यह आपकी कोशिकाओं तक पोषक तत्व और ऑक्सीजन पहुंचाता है.
    रक्त में 90 प्रतिशत से अधिक पानी है, और रक्त शरीर के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन ले जाता है. और पोषक तत्व पानी में घुल जाते हैं, जिससे शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचना संभव हो जाता है।
  2. यह आपके मूत्राशय से बैक्टीरिया बहार फ्लश कर देता है.
    पसीने, मूत्र और मल को हटाने की प्रक्रियाओं में पानी की आवश्यकता होती है।
  3. यह पाचन क्रिया में सहायता करता है.
    विशेषज्ञ भोजन के पहले, दौरान और बाद में पानी पीने की पुष्टि करते हैं, जिससे आपका शरीर आपके द्वारा खाए जाने वाले भोजन को आसानी से तोड़ने में मदद करेगा. यह आपको भोजन को अधिक प्रभावी ढंग से पचाने में मदद करेगा और आपका शारीर आपके भोजन का अधिकतम लाभ उठा पायेगा.
  4. यह कब्ज(constipation) होने से बचाता है.
    आंत्र(intestines) को ठीक से काम करने के लिए पानी की आवश्यकता होती है. निर्जलीकरण(dehydration) पाचन समस्याओं जैसे, कब्ज और अत्यधिक अम्लीय(acidic) पेट हो सकता है. इससे पेट में जलन और पेट के अल्सर का खतरा बढ़ जाता है.
  5. यह रक्तचाप(blood pressure) को सामान्य करता है.
    पानी की कमी से रक्त गाढ़ा हो सकता है, जिससे रक्तचाप बढ़ सकता है.
  6. यह दिल की धड़कन को स्थिर करता है.
    निर्जलीकरण से पैल्पिटेशन(palpitation) हो सकता है इसलिए यह पानी पीने से इसे रोका जा सकता है.
  7. यह अंगों और ऊतकों की सुरक्षा करता है.
    पानी का सेवन आपके अंगों और ऊतकों को लुब्रिकेट और कुशन करने में मदद करता है. यह आपको शारीरिक गतिविधि का आनंद लेने और गठिया(arthritis) जैसी स्थितियों के कारण होने वाली परेशानी को कम करने में मदद करेगा.
  8. यह शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है.
    जो पानी त्वचा की मध्य परतों में जमा होता है, जब शरीर गर्म होता है, शरीर की सतह पर पसीने के रूप में आता है. जैसा कि यह वाष्पित होता है, यह शरीर को ठंडा करता है. उदाहरण के लिए: खेल में, वर्कआउट करते समय आदि.
  9. यह इलेक्ट्रोलाइटस (सोडियम) का संतुलन बनाए रखता है.
    हम सभी जानते हैं कि निर्जलीकरण(dehydration) हमारे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स के नुकसान का कारण बन सकता है और पानी इलेक्ट्रोलाइट्स को फिर से भर सकता है.
  10. यह जोड़ों को चिकनाई देता है.
    जोड़ों में पाया जाने वाला कार्टिलेज और रीढ़ की हड्डी में लगभग 80 प्रतिशत पानी होता है. लंबे समय तक निर्जलीकरण(dehydration) जोड़ों की झटके सहने की क्षमता को कम कर सकता है, जिससे जोड़ों में दर्द हो सकता है.
  11. यह लार और बलगम बनाता है.
    लार हमें हमारे भोजन को पचाने में मदद करती है और मुंह, नाक और आंखों को नम रखती है. यह घर्षण और क्षति को रोकता है. पानी पीने से भी मुंह साफ रहता है। मीठे पेय पदार्थों के बजाय पानी का सेवन दांतों की सड़न को कम कर सकता है.
  12. यह त्वचा के स्वास्थ्य और सुंदरता को बढ़ाता है.
    अगर हम पानी नहीं पीते तो निर्जलीकरण(dehydration) हो सकता है और उसके कारण, त्वचा-विकार और समय से पहले झुर्रियां हो सकती हैं.
  13. यह गुर्दे(kidney) की क्षति को रोकता है.
    गुर्दे शरीर में तरल पदार्थ को नियंत्रित करते हैं. अपर्याप्त पानी से गुर्दे की पथरी और अन्य समस्याएं हो सकती हैं.
  14. यह व्यायाम के दौरान प्रदर्शन(performance) को बढ़ाता है.
    कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि अधिक पानी का सेवन करने से वर्कआउट के दौरान प्रदर्शन(performance) में वृद्धि हो सकती है.
  15. यह हैंगओवर की संभावना को कम करता है.
    पार्टी करते समय, अल्कोहल युक्त पेय के साथ अगर आप बर्फ और नींबू के साथ सादा सोडा-पानी लेंगे तो आपको ज्यादा अल्कोहल ग्रहन करने से रोकने में मदद कर सकता है.
  16. यह वजन घटाने(fat loss) में मदद करता है.
    अगर मीठे रस और सोडे के बजाय इसका सेवन किया जाए तो पानी वजन घटाने में मदद कर सकता है. और यदि आप भोजन से पहले 1 गिलास पानी पी लेते है, तो ओवरईटिंग को रोकने में मदद कर सकते हैं.

अन्य पढ़ें: गहरी और अच्छी नींद के लिए 8 टिप्स

खली पेट पानी पिने के फायदे क्या-क्या है?

बहुत से लोगों को यह नहीं पता के Khali pet pani pine ke fayde क्या होते हैं.

और बहुत से लोग यह भी सोचते हैं के subah kitna pani pina chahiye.

सुबह उठकर खाली पेट पानी पीना स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है.

अगर आपको सुबह पानी पीने की आदत लग जाए तो उससे अच्छी कोई चीज़ ही नही, न केवल आपका पेट सही रहेगा बल्कि आप दिन भर फ्रेशनेस महसूस करेंगे.

जिन लोगों के मुँह से ज्यादा बदबू आती है उन्हें सोकर उठते ही दो ग्लास(2 glass) पानी पीना चाहिए, बदबू कम आने लगेगी.

जिन लोगों को कब्ज की शिकायत हो उन्हें भी सुबह खाली पेट पानी पीना चाहिए.

कितने pH का पानी पीना चाहिए?

आप लोगों को पानी से सम्बंधित लगभग सारी जानकारी दे दी है, अब आप यह भी जान लीजिये के Hume Kitne pH ka pani pina chahiye, आम तौर पर शुद्ध पानी की पीएच वेल्यू(pH value) 7 होती है.

7 से नीचे होने पर पानी ऐसिडिक(acidic) होता है और 7 से ऊपर होने पर पानी अल्केलाइन होता है. अब आपको यह भी पता चल गया होगा Alkaline water kya hota hai.

हमारा शरीर 97 फीसदी तक अल्केलाइन है। पीने लायक पानी की पीएच वैल्यू 6.5 से 8.5 के बीच होना चाहिए.

सतह जल प्रणालियों में पीएच के लिए सामान्य सीमा 6.5 से 8.5 है, और भूजल प्रणालियों के लिए पीएच श्रेणी 6 से 8.5 के बीच है.

WHO के अनुसार 100 से 150 टीडीएस(TDS-Total dissolved solids) के पानी को पीने के लिए सही बताया गया है। इसके अलावा आपको एक बोनस टिप देता हूँ कि 300 टीडीएस से कम लेवल वाला पानी स्वाद में सबसे अच्छा होता है और 900 टीडीएस से ज़्यादा वाला पानी स्वाद में ख़राब होता है।

निष्कर्ष (CONCLUSION)

हमने “PANI PINE KA SAHI TARIKA क्या है” लेख में बहुत कुछ सीखा है और जाना है जैसे की पानी कैसे, कितना और कब पीना चाहिए, पानी कब नहीं पीना चाहिए, पानी पिने के 16 फायदे भी जाने है तो मुझे ऐसा लगता है आज से ही आप सब सही तरीके से पानी पीना शुरू कर देंगे.

आप अपने परिवार और अपने दोस्तों में इस लेख “PANI PINE KA SAHI TARIKA क्या है” को साझा(SHARE) करें ताकि वह लोग भी पानी सही तरीके से पीना चालू कर दें.

लोग यह भी पूछते हैं:

1 दिन में कितना पानी पीना चाहिए?

Indian Council of Medical Research(ICMR) की डाइअटेरी गाइडलाइन्स(Dietary Guidelines) के अनुसार एक नार्मल अवं स्वस्थ व्यक्ति को एक दिन में आठ ग्लास(8 Glass) पानी पीना चाहिए. अब आप पूछेंगे के kitne liter pani pratidin pina chahiye तो उसका जवाब 2 liters है. और ये प्रतिदिन का goal होना चाहिए जिसमे चाय, कॉफी, दूध, दही और आपका भोजन भी आपके जलयोजन(hydration) के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करते है. लेकिन तरल पदार्थ में पानी का ही ज्यादातर इस्तेमाल करना चाहिए.

गर्मी में या गरम मौसम में कितना पानी पीना चाहिए?

जैसे ही मौसम में बदलाव आता है तो हमारे खान-पान में भी बदलाव आ जाता है. Garmi me kitna pani pina chahiye कई लोगों के मन में सवाल आता होगा पर इसका जवाब बिलकुल सरल है, गर्मी के दिन में यदि आप कम से कम अपना दैनिक जल सेवन की सीमा(daily water intake limit) यानि 8 गिलास (8 Glass/ 2 liters) पानी पीते हैं तो आपको हीट स्ट्रोक होने की संभावना भी कम हो जाती है और शरीर हाईड्रेटेड भी रहता है.

पानी में कौन-कौन से तत्व पाए जाते हैं?

जल के द्वारा अनेक खनिज पदार्थ जैसे- सोडियम, पोटैशियम, फ्लोरीन, आयोडीन, कैल्शियम आदि की कुछ मात्रा शरीर को स्वतः ही प्राप्त हो जाती है

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